Thursday, January 28, 2021

Motivational story of Varadarajan

 करत करत अभ्यास के, जड़मति होत सुजान।

रसरी आवत जात ते सिल पर परत निशान।

आपने वह कहानी तो सुनी होगी की एक वरदराज नाम का एक विद्यार्थी होता है। कक्षा में वह सबसे नालायक होता है।

गुरुदेव एक दिन उसको बुला कर कहते हैं कि तुम कुछ नहीं कर पाओगे।

जो सीखना था गुरुकुल में वह सीख लिया है, अब तुम घर जाओ।

उसको सुबह-सुबह घर के लिए निकलना था, तो गुरु माता ने रास्ते के लिए कुछ गुड़ चने का सत्तू बांध दिया।

अनमने मनसे वरदराज अपने घर के लिए सुबह सुबह ही निकल पड़ता है। वह बहुत ही निराश हो चुका था, उदास उदास मन  से वह घर की तरफ चल रहा होता है।

गुरु आश्रम से घर का रास्ता काफी दूर था तो उसने सोचा थोड़ा विश्राम कर लिया जाए उसके बाद घर की तरफ चला जाए।


रास्ते में एक कुआं पड़ता है तो कुआं के पास वो रुक जाता है।

सोचता है कुआं में ठंडा पानी है और वह ठंडा पानी पी कर सत्तू भी खा सकता है।

अब वह सत्तू के लिए पानी निकालने के लिए बर्तन और रस्सी को खींच लेता है।

कुछ क्षण बाद उसका ध्यान रस्सी से घिसने वाले पत्थर की ओर निशान पर जाता है।

वह सोचता है कि एक रस्सी जो की सुत की बनी हुई है। अगर यह रसीद बार-बार पत्थर पर घिसने से अगर पत्थर को काटकर निशान बना सकते हैं तो मैं निरंतर अभ्यास करके एक अच्छा विद्यार्थी क्यों नहीं बन सकता?

यह विचार छात्र वरदराज के दिमाग में बिजली की तरह कौंध रहा था।

उसी क्षण उस ने निर्णय लिया कि वह गुरुकुल वापस लौटेगा और अपने अध्ययन को नियंत्रित और निरंतर करेगा।।

फिर क्या था आने वाले दिनों में छात्र वरदराज बहुत बड़े ज्ञानी संत बने और अपने जीवन में और लोगों को भी प्रेरित किया।

Friday, January 15, 2021

what is ultrasonic therapy or ultrasound therapy!

What is the use of ultrasound in physiotherapy?

The ultrasound used in Physiotherapy is known as therapeutic ultrasound. 
The frequency of it varies from that of diagnostic ultrasound.

Physiotherapist usually uses ultrasound heads with 1 megahertz and 3 megahertz.

The 1megahertz one has more penetration and 3 has less penetration. The Physiotherapist will choose between both depending upon the area to be treated.

The use of ultrasound in Physiotherapy spans from treating an injured soft tissue like ligaments and tendons to removal of scars.

Skilled ultrasound treatments can give miraculous results and in our opinion ultrasound treatments has no alternative in Physiotherapy and because of the same reason it is an inevitable machine in Physiotherapy clinics.

To explain in a very simple context, I used to tell my patients that, I am using ultrasound, as I cannot put my fingers through your skin and give a mild massage to your injured ligament for draining the waste metabolites and improving the circulation. But when explain scientifically it is much more. It helps in tissue healing by various physical properties of sound waves.

I am listing down the common conditions treated.
Oesteoarthritis.
Costochondritis.
Plantarfascitis.
Ligament sprain.
Tendon strain.
Spondylosis and spondylitis
Scar tissue removal etc.

There is much more even I have treated chronic sinusitis and acne scars very successfully with therapeutic ultrasound. 

Thursday, December 31, 2020

नव वर्ष ²⁰21 की शुभकामनाएं।

 मेरे प्यारे भारतवासियों आप सबको मेरा प्रणाम

आज हम एक नूतन वर्ष में प्रवेश कर गए हैं आप सब को हार्दिक बधाई।

ईश्वर से मंगल कामना करता हूं कि आप और आपका परिवार आपका कुटुंब स्वस्थ रहे मस्त रहे खुश रहे।

हालांकि पिछला बरस काफी चुनौतियों से भरा हुआ था, सब कुछ कुछ समय के लिए थम गया था लेकिन अभी हालात थोड़े सुधर गए हैं इन्हीं परिस्थितियों में हमें आगे चलना है।

मैं आपके नए प्रयासों के लिए आपको शुभकामनाएं देता हूं। मुसीबतों और विपरीत परिस्थितियों के बीच से ही नए प्रगतिशील विचार बनेंगे।

आपको ढेरों शुभकामनाएं।


राजपूत वह होते हैं जो देश के लिए अपने प्राण तक न्यौछावर कर देता है

 

जान देकर भी स्वाभिमान को बचाया हैै।

यह राजपूत थे जिन्होंने मौत को भी ललकार कर हराया है।

हमारे देश के वीर क्षत्रिय योद्धाओं को नमन।

जय राजपूताना।

राजपूत की तलवार जब चलती है तो शत्रु का ही नहीं शत्रु के घोड़े रथ का भी दो फाड़ हो जाता है।

जय महाराणा प्रताप हल्दीघाटी में मुगलों को लोहे के चने चबाने वाले वीर महाराणा प्रताप को कोटि-कोटि प्रणाम।

हैैैैै

Friday, December 25, 2020

Guleria sahab

गुलेरिया 1 जाति नहीं राजपूताना है यह घर।ना है।

राजपूत अपनी शान के लिए जी सकता है राजपूत अपनी शान के लिए मर सकता है राजपूत अपनी शान के लिए मार सकता है राजपूत अपनी शान के लिए मर सकता है।
हम उनमें से हैं हम उनमें से हैं जो एक हाथ में अपने कटा हुआ सर लेकर दूसरे हाथ में तलवार लेकर लड़ाई करते हैं।
मलेरिया क्षत्रिय है गुलेरिया क्षत्रिय है क्षत्रिय का धर्म सबकी रक्षा करना है और हम निर्भया की हमेशा रक्षा करते हैं।
हमारा एक शानदार इतिहास है और हमें गर्व है कि हम गुलेर गुलेर वंश के शासक है।



Tuesday, March 7, 2017

Thinking

Must Read This may change your
thinking.....
The 90/10 Principle
by Stephen Covey
Discover this 90/10 Principle.
It will change your life (or atleast
the way you react to situations).
---
WHAT IS THIS PRINCIPLE?
10% of life is made up of what
happens to you...
90% of life is decided by how you
react.
WHAT THAT THIS MEAN?
We really have NO control over the
10% of what happens to us.
The 90% is different.
YOU determine the 90%
HOW?
By your reaction.
You cannot control a red light.
However, you can control your
reaction.
Do not let people fool you.
YOU can control how you react.
---o0o---
Let's see this example:
You are having breakfast with your
family.
Your daughter knocks over a cup of
coffee onto your business shirt.
YOU HAVE NO CONTROL over what
has just happened.
What happens next will be
determined by HOW YOU REACT.
...
You curse.
You harshly scold your daughter
for
knocking the cup over.
She breaks down in tears.
After scolding her, you turn to your
wife and criticize her for placing
the
cup too close to the edge of the
table.
A short verbal battle follows.
You storm upstairs and change
your
shirt.
Back downstairs, you find your
daughter has been too busy crying
to finish her breakfast and getting
ready to go to school.
She misses the bus.
Your spouse must leave
immediately
for work.
You rush to the car and drive your
daughter to school.
Because you are late,
you drive 40 miles per hour in a 30
mph speed limit zone.
After a 15-minute delay and
throwing $60.00 traffic fine away,
you arrive at school.
Your daughter runs into the
building
without saying goodbye.
After arriving the office 20 minutes
late,
you realize your forgot your
briefcase.
Your day has started terrible.
As it continues, it seems to get
worse and worse.
You look forward to coming home.
When you arrive home, you find a
small wedge
in your relationship with your wife
and daughter.
Why?
Because of how you reacted in the
morning.
-
Why did you have a bad day?
A) Did the coffee cause it?
Did your daughter cause it?
C) Did the policeman cause it?
D) Did you cause it?
The answer is: D
-
You had NO CONTROL over what
happened with the coffee.
How you reacted in those 5
seconds
is what caused your bad day!
>>>
Here is what could have and should
have happened.
<<<
Coffee splashes over you.
Your daughter is about to cry.
You gently say:
"It's okay, honey, you just need to
be more careful next time."
Grabbing a towel, you go upstairs
and change your shirt.
You grab your briefcase, and come
back down in time to look through
the window and see your child
getting on the bus.
She turns and waves. You arrive 5
minutes early and cheerfully greet
the staff.
...
Notice the difference?
Two different scenarios.
Both started the same.
Both ended different.
WHY?
Because of how you reacted.
You really have no control over
10%
of what happens in your life.
The other 90% was determined by
your reaction.
.
.
.
----------------------------------------
Absolutely everything we do, give,
say or even think,
It's like a Boomerang.
It will come back to us.
If we want to receive, we need to
learn to give first...
Maybe we will end with our hands
half empty, but our hearts will be
filled with love.
And those who love life,
have that feeling marked in their
hearts...

Monday, February 13, 2017

Meanining of Mahamrityunjay Mantra in Hindi

ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्
उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात् II



हे महा शिव! इस घनघोर अँधेरे में मैं तेरा आवाह्न करता हूँ।
मृत्यु से भरे संसार में जीवन पुष्प खिलाने वाले!
मेरी रग रग में जीवन शक्ति बन कर दौड़ने वाले!
तू नेत्र खोलता है तो मैं देखता हूँ।
तू चलाता है तो मैं चलता हूँ।
तू संसार में भेजता है तो जीवन पुष्प समान खिलता हूँ।
तू संसार से बुला लेता है तो तेरी गोद में चढ़ कर खेलता हूँ।
तू ही है विस्फोट से सृजन करने वाला।
तू ही है सृजन से धारण करने वाला।
तू ही तो है धारण से संहार करने वाला।
तू ही है संहार से विस्फोट करने वाला।
मेरी दृष्टि में प्रकाश करने वाला।
उस प्रकाश से सृष्टि को चमकाने वाला।
सब देव, सब राक्षस, सब नर, सब नारी, सब जीव, सब जंतु तुझ में ही समा जाते हैं।
आज के राक्षस कल ढेर हो जाते हैं। कल के ढेर परसों देव हो जाते हैं।
आज का जीवन कल मृत्यु बन जाता है।
आज का विग्रह फिर जीवन हो जाता है।
आज का रोग कल निदान हो जाता है।
आज का बंध कल मोक्ष हो जाता है।
तो हे महाकाल! तीनों जगत के स्वामी! तीनों काल के रचयिता, धाता और संहर्ता! मैं तेरा अमृत पुत्र तेरा आवाह्न करता हूँ! अपनी शक्ति, अपनी दुर्बलता, अपनी श्रेष्ठता, अपनी नीचता, अपनी जीत, अपनी हार, अपने जीवन और अपनी मृत्यु आज से तेरे चरणों में रखता हूँ। ना जीवन का मोह रखता हूँ, ना मृत्यु का भय रखता हूँ। जीवन होगा तो तेरे हाथ में, मरण होगा तो तेरे हाथ में। बंधन होगा तो तेरे हाथ में। मोक्ष होगा तो तेरी गोद में। लोग तुझमें मोक्ष ढूंढते हैं, मैं बंधन भी तेरे नाम करता हूँ।